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कारगिल के अमर जवानों तुम्हे नमन सौ बार , कर कुर्बानी अपने लहू की किया हम पे उपकार । सर पे अपने कफन बांधकर सरहद पर तैनात , दुश्मन की गोल� read more >>
हर बार मौका दो जिंदगी को , न खुद को कभी निराश करो , तुम्हारे इंतजार में है कही खुशियां ताकत दो अपने पंखों को एक उड़ान और भरों ! किनारों read more >>
जीवन की अनकही बातें , जो मन ही मन हम कहते हैं । दिल ही मेरा एक ऐसा है जो मन की सारी बातें सुनता है। बहुत कुछ कह गया मन! दिल सब कुछ सुनकर सह read more >>
प्रिय आ गए तुम ! आओ दिल के दरवाजे खुले हैं! तुम्हारे लिए सदा ! पर ठहरो ! अपनी नाराजगी बाहर ही छोड़ आना ! और सुनो !बाहर उन खेलते हुए, बच्च� read more >>
शीर्षक ---- गुरु की महिमा गुरु की महिमा को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है प्रथम पाठशाला घर से शुरू होती है जिसमें मां होती है पह� read more >>
अभिनव , ये ,अभिमान बोलता है। क्या यह हर क्षत्रिय की जुबान बोलता हैं ।। हर प्रण में .....! युद्ध और रण में...... नारी का स्वाभिमान बोलता है।। म read more >>
दादा जी की छड़ी गोल , दादी माँ की ऐनक गोल , मम्मी जी की रोटी गोल , पापा जी की पैसा गोल , बच्चे कहते लड्डू गोल , मैडम कहती दुनिया गोल ।। read more >>
ये आसमां छीन गया तो क्या ? नया ढूंढ़ लेंगे , हम वो परिंदे नहीं जो उड़ना छोड़ देंगे ।। मत पूछ हौंसले हमारे आज कितने विश्रब्ध है , एक नयी � read more >>
वो आकाश क्या जिसमें तारे ना हो , वो सागर क्या जिसमें गहराई ना हो । वो पथ क्या जो पथरीले ना हो , वो जीवन क्या जिसमें संघर्ष ना हो । वो स read more >>
कोशिश कर ,हल निकलेगा , आज नही तो कल निकलेगा । अर्जुन सा लक्ष्य रख , निशाना लगा , मरुस्थल से भी फिर , जल निकलेगा । मेहनत कर , पौधों को पानी � read more >>
समय ,क्यों है तुझको इती जल्दी? तुम भी थोड़ा विश्राम क्यों, तुम भी थोड़ा आराम करो, सतत चलते रहते हो तुम, कठोर परिश्रम करते रहते हो तुम। � read more >>
पर्वत कहता शीश उठाकर , तुम भी ऊँचे बन जाओ । सागर कहता हैं लहराकर , मन में गहराई लाओ । समझ रहे हो क्या कहती हैं, उठ - उठ गिर - गिर तरल तरंग � read more >>
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