Poonam Mishra 27 Jul 2024 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्रिया आ गए तुम रूको ठहरो सुनो मेरी कुछ बातें 46809 0 Hindi :: हिंदी
प्रिय आ गए तुम ! आओ दिल के दरवाजे खुले हैं! तुम्हारे लिए सदा ! पर ठहरो ! अपनी नाराजगी बाहर ही छोड़ आना ! और सुनो !बाहर उन खेलते हुए, बच्चों से कुछ चंचलता ले आना! और सुनो !उनसे बिना बात की हंसी, और खुशी ,भी साथ ले आना ! और सुनो रास्ते में जो बगीचा है। उनसे कुछ फूल चुनकर ले आना। सूरज ढलने को है। चिड़िया अपने घर वापस जा रही है ।तुम भी घर जल्दी आ जाना। आ जाना मुस्कुराते हुए अपनी उलझने मुझे बता जाना l सुलझाएंगे हम दोनों मिलकर! कुछ अपनी कुछ मेरी सुन जाना! पूनम मिश्रा