दर्द क्या होता,
जानना हो तो पूछो उस आशिक से जिसने सब कुछ लुटाकर भी, सब कुछ खो दिया है, उस दीवाने से पूछो जो अपनी माशूका की याद में बिता दिए read more >>
कविता = ( गुमान )
इस शरीर पर मत कर गुमान !
यहाँ पल दो पल का तू मेहमान !!
इस शरीर का मत बन दीवाना !
माटी में इसको मिल जाना !!
दुखियों के जो आए क� read more >>
इंतज़ार करना हमें बहुत कुछ सिखा देता है, कभी रोते हुए नेत्र से बहते दुख के निर्झर, दर्द भरी पीढ़ा वदन में समाए,
यह दर्शा देता है कि तुम भ� read more >>
क्यों नाराज़ रहते हो
क्यों नहीं कुछ कहते हो.....
हमें भी दर्द देते
क्यों खुद भी दर्द सहते हो.......
तुम्हें क्या पता
जब महीनों तुमसे बात नही read more >>