Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं

Chanchal chauhan 22 Feb 2024 कविताएँ बाल-साहित्य तू इंसान है भगवान नहीं गिर उठ दौड़ भाग क्योंकि उठकर चलने में ही जीत है 69875 0 Hindi :: हिंदी

उठाना गिरना प्राकृतिक स्वभाव है

 जैसे सुबह ओस गिरती है

 दोपहर में धूप गिरती है

 शाम को छांव गिरती है 



इस तरह जीवन में गिरने उठने का क्रम

 अनवरत जारी है

 सभी लोग गिरते हैं जीवन में अनेक बार

 पर कुछ बहुत  ऊपर उठ जाते हैं 

और कुछ वहीं पर रह जाते हैं



और कुछ उठने का उपक्रम करते है

 कुछ भी हो जिंदगी में सिर्फ 

गिरावट नहीं आनी चाहिए

 गिरकर उठने में काहे की शर्म

 और काहे का भय



 माना कि जिंदगी में गिरावट का दौर ज्यादा है

पर उठने को किसने रोका है

 अरे वह तो उठ गया जो फिसल कर गिरा था

 पर वह ना उठ पाया जो कर्म से गिर गया था 

पर वह भी ना उठ पाया जो मन से गिर गया था

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं 

तू इंसान है अवतार नहीं 

गिर कर उठ, चल, दौड़ फिर भाग

 क्योंकि उठने में ही  जीत  है ।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: