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My Articles

हमको जो कहते हो तुम , क्यों पीते हो हाला , पुरखे भी पीते थे ,तेरे दीवाने थे मधुशाला । नये नये है हम , ह� read more >>
नगरों की गलियों गलियों में , मैंने ढूढ़ा तुमको मधु शाला बसती हो तुम जहाँ पर , तेरे ही दीवाने है मधुशाला तु� read more >>
मत कीजिए खराब, यू ही जल को। अच्छा रहे उनके लिए भी आने वाले कल को। स्वार्थ हित न कीजिए , प्रदूषित नदी को । यह जानते ह� read more >>
दोहा - चाम रंग श्वेत नहीं , मन भाव नीक होय रंगन पर मत जाइये अरि ,गुण देखो जो होय । read more >>
समझ में नही आता , किनसे कहे अपनी व्यथा । किनको सुनाए , हम अपनी कथा | कहाँ जाये , कहाँ खाये कहाँ � read more >>
रुको रुको तनिक इधर भी देखो सीधे भागे जा रहे हो इधर उधर भी देखो गाँवो में समस्याएं युवाओं की समस्याएं महगाई � read more >>
नित रह रहती है ,वह कामों में कामों से आती ,फिर जुट जाती कामों में read more >>
तुम बदल गये हो , हाँ यार या शहर के तुम हो गये हो बस गये हो तुम जहाँ पर या वही के तुम गये हो read more >>
किस तरह से तुम्हे , हम अपना हाल बताये सूझता नहीं कुछ , तुम्हें क्या क्या बताये इतना परेशान है हम , कि तुम्हें क्या बताये शादी की उम्र read more >>
वह सबसे अच्छा फूल लगता है अब पर न जाने कितनी बार जिया है मर मर कर , read more >>
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