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तेरे दीवाने थे मधुशाला

Bholenath sharma 30 May 2024 कविताएँ समाजिक तेरे दीवाने थे मधुशाला 45338 0 Hindi :: हिंदी

हमको जो कहते हो तुम , क्यों पीते हो हाला ,                                           पुरखे भी पीते थे ,तेरे दीवाने थे मधुशाला । 
                                                     नये नये है हम , हमको  कहते तुम दूर रहो बहुत अधिक है आर्कषित करती ,अपने दीवाने को मधुशाला |

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