Bholenath sharma 02 May 2024 कविताएँ समाजिक दो को एक बनाते देखा 33537 0 Hindi :: हिंदी
वह सबसे अच्छा फूल लगता है अब पर न जाने कितनी बार जिया है मर मर कर ,
फिर भी जीने की आस न छोड़ी
खुद मरकर औरो को मिलाते देखा आज उसे मैंने
दो को एक बनाते देखा