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अपना कहने वालों को पराया होते देखा,जो कहते थे संभाल लेंगे, उन्हें दूर खड़ा देखा, सबको अपनों की चिंता हैं, सबको अपने काम में व्यस्त देखा read more >>
किसी के साथ गलत कर के अपनी बारी का इंतजार करना क्योंकि ऊपर वाले के यंहा देर है अंधेर नहीं read more >>
उसकी खुशी से जलन होती है हमें मगर मैं ये भी नहीं चाहता की वो दुखी हो read more >>
बूढ़ी औरत - बेला की मार बुरी ; औरत कितनी बूढ़ी , करती दिवा में मजदूरी - गिट्टी बिछाती रेल पट्टी में - कर्म - भू बुटीबोरी ; कौन छीना रोटी - भात , read more >>
जीवन मे सुख और दुख का एक ही आकार है फर्क बस इतना है कि सुख के आकार को हम भरते नहीं और दुख के आकार को गिन गिन के भरते हैं लेखिका प्रेरणा शर् read more >>
आँखों मे आँसुओं का आना भी अजीब हैं ख़ुशी के आंसू सब को दिख जाते हैं लेकिन दुःख के आंसू नज़र आकर भी किसी को नज़र नहीं आते लेखिका प्रेरणा श read more >>
जिंदगी के सफर में गमों के मेलें हैं, कहीं कांटे , अंगारों के ढेले हैं, गहरी खाई, अंधेरों कुएं के साये हैं। read more >>
कोरोना वायरस के संबंध में कइयों का दावा है कि यह विषाणुओं का समूह है, जो पशु-पक्षियों में होता है। कोविड-19 चमगादड़ या उसके जैसे किसी पक्ष read more >>
किस पर ऐतवार करें,किस पर विश्वास ,किस पर भरोसा, तोड़ देते हर कसम , आज कल के लोगों को देना आता हैं धोका। read more >>
प्यार करते हैं तुमसे आजकल मान लो कि नफरत एक दिन हो ही जाएगा साथ रहेगें तुम्हारे बरसात की तरह कुछ पल रहकर छोड़ देगें तुम्हें यह इश्क ए म� read more >>
कौन अपना कौन पराया समझ नहीं आता हैं,हर‌ किसी का अपना अपना मतलब नजर आता हैं, वो जमाना गया जो अपनों पर जान निछावर करते थे , यहां तो काम ना � read more >>
खेल खेल में शिक्षा हो पर शिक्षा को खेल समझ बैठे, अब राजनीति के मंचों पर तित्तिल सा खूब उलझ बैठे | न इन्हें पड़ा तेरे रोजी का न जीवन read more >>
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