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वैरी हैप्पी है आज हम
वैरी हैप्पी है आज हम पियेगे आज फुल हम चाहे कोई रोके ना रूकेगे हम पियेगे जमके आज रम लगता कोई घटना आज हुई जैसे खुशियो की शुरूआत हुई लग
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प्रीत
रंग भी तू और नूर भी तू धुप भी तू और छाँव भी तू धरती और आकाश भी तू चाँद भी तू चकोर भी तू चचल और चित चोर भी तू फूल भी तू कुसम भी तू राग भी तू स�
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समय के आतंक
चल रहा हुज्जत वक्त के अहंकार से ईट ईट बिखर रहा घर के दीवार से वो निःस्सहाय बूढी औरत क्या करे कैसे लड़े समय के काल चक्र से तिन का तिन क
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' गलती '
गलती... हमारे लाइफ की सबसे बड़ी गलती । जो गलती हमने की ही नहीं , और उसे स्वीकार कर लेना । यहां हमारे लाइफ की सबसे बड़ी गलती होती है ।
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हुनर
हुनर बुलंदियों से भी बुलंद वनने के हुनर जानते है हम गिर कर संभलना हमें खूब आता है पर्वत क्या आसमा को भी झुका सकते है हम समंदर क्या भा�
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पथ
पथ पथ है पुकारता शेर है दहाड़ता बढ़ते चल आगे चल हार मत हालात से मार्ग है निहारता मंजिल है पुकारता चलता चल तु चलता चल गिर मत तू हार मत तू
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पागलपन
पागलपन मरने का अब नाम नही जीवन पर इल्जाम नही जीना है तेरे संग संग हारने का अब नाम नही तु है तेरा संग भी जीवन एक उमंग भी चलते जाना जीतत�
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सोच
सोच बचपना जीने नहीं देता जवानी रूकने नहीं देता ठोकर संभलने का मौका नहीं देता ग़म अपनाया नहीं जाता खुशी ठुकराई नहीं जाती बिना जरूरत
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विचार
विचार रेत से दीवार बनता नही खंडहर कभी संवरता नही टूट जाते है सभी रिस्ते जो यह एक बनता नही खुश्बू हमेशा रहती नही काँटे कभी महकते नह�
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कल्पना
कल्पना कल्पना निशब्द है वे अर्थ हे वेकार शब्द हीन और वेबश हैं बेनाम और बेकदर गुमनाम है नाजूक कमजोर और विशाल है कौन कहता है इसकी श�
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चलन
चलन साल बदला सदी बदला बदल गऎ हम और आप नही बदला चाँद सुरज खुश्बु रंग आश्मान धर्म बदला मजहब बदला बदल गया संसार नही बदला सुर्य के किरणे
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मौसम
मौसम मौसम में सरगोशी देखो इसकी ये मदहोशी देखो कभी इतराए कभी लुभाए इसकी ये चापलूसी देखो कभी बदन को कभी नयन को कभी बालो को छेड़ के जाये �
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