Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
रो रो के जिये हैं आज तलक और कितना रोना बाक़ी है अच्छे के लिए होता है सब फिर कितना होना बाक़ी है। इस दुनिया में वो नीर कहाँ जो मन की प्यास read more >>
बोलक्कड इंसान 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐###################### दुनिया बड़ा वेदर्दी है, करती बहुत मनमर्जी है। बात भले वो खुद कहे, बाद में बनते अलगर् read more >>
म्हारी प्यारी खेजङी, ऊनाळै सियाळै तुं रेवै हरी-भरी, काळा हिरण थारै छिंया मे कुचाळा मारै, जद ऊनाळै मे सगळा वृक्ष सूख जावै। पण तुं किंया हरी-भरी रेवै, जेठ री लू मे तुं एकली खङी मुस्करावै, जीव थारी छींया मे बैठ अर जान बचावै ऊनाळै मे पाणी घणी घणी कोसा तांई नी मिळै, पण तुं खेजङी हरी-भरी रेवै। जेठ रै तीखै तावङीयै मे जींवा रै होठां माथै, फेफ्फियाँ आ जावै पण तुं युं खङी मुस्करावै, मारवाङ रा किसान थारी साँगरी ने गणै चावै सुं खावै, थारै लूंख ने खा'र अणूता ऊँठ अरङावै। धन्य धन्य थारी छाँव खेजङी, म्हारी रुपाळी प्यारी खेजङी। मिंमझर, साँगरी और खोखा देवै, थारो हाथ कदी न खाली रेवै। चिङी कमेङी री आश्चर्य दाता है तुं, केर,बोरङी अर किकर री साथी तुं। मारवाङ री शान खेजङी, म्हारी प्यारी रुपाळी खेजङी। - कवि सुनील कुमार नायक
म्हारी प्यारी खेजङी, ऊनाळै सियाळै तुं रेवै हरी-भरी, काळा हिरण थारै छिंया मे कुचाळा मारै, जद ऊनाळै मे सगळा वृक्ष सूख जावै। पण तुं किंया read more >>
दिल मे तेरे गद्दारी है... जुबां पे खुदा की जिक्र कारी... औरौ के बारे में तो जान रहा है मुरशिद.. क्या तुझे अपनी भी जानकारी है.... read more >>
कभी कभी मैं सोचता हु तुम मेरे बारे में क्या सोचते होगे, यही सोचकर अजीब सी बेचैनी होती है , नही नही ये बेचैनी उस तरह की बेचैनी नही जो पीड़� read more >>
जैसा की हम जानते है। की भारत विश्व भारत में अनेक धर्मों के नाम से जाना जाता है। भारत अपने इतिहास के लिये पूरे विश्वभर में विख्यात है। य� read more >>
तहजीब सिखाने वाले खुद तहजीब भूल गए अपना बनाने वाले खुद बेगाना बन गए। धन्यवाद read more >>
दया =) में कहु की दया का दुसरा नाम माँ है। जरूरी नहीं जो महिलायें शादी शुदा हो सिर्फ उनका ही फर्ज हो मात्तर्व दिखाने का हम सभी के अन्दर कह read more >>
राजस्थानी कविता- खेजड़ी म्हारी प्यारी खेजङी, ऊनाळै सियाळै तुं रेवै हरी-भरी, काळा हिरण थारै छिंया मे कुचाळा मारै, जद ऊनाळै मे सगळा वृक� read more >>
मन का क्या है फिरता रहता है इसपे न कोई किसी का जोर चलता है धन्यवाद read more >>
शुक्रिया अदा करती हूं मैं ओ मेरे खुदा जिंदगी का सबक तूने अच्छा सीखा दिया कितनी है ये दुनियां मतलबी अच्छा बता दिया। धन्यवाद read more >>
जिंदगी मिली हमें आपसे ही कर्जदार हूं मैं आपसे ही भूल हो गई तो,माफ़ करने का हक भी आपसे ही। धन्यवाद read more >>
Join Us: