Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

स्मृतियाँ

Kishor Kumar Bhardwaj 05 Jun 2026 कविताएँ अन्य स्मृतियाँ 1808 0 Hindi :: हिंदी

कभी किसी ने कहा था —
“समय-समय की बात है…”
पर शायद समय भी अकेला कहाँ चलता है,
वह तो कारणों की अनदेखी धारा में
अपना स्वरूप पाता है।

एक निर्णय…
सिर्फ एक क्षण का चुनाव नहीं होता,
वह अनंत संभावनाओं के द्वार खोलता है,
और फिर उन्हीं में से किसी एक राह को चुनकर
बाकी रास्तों को धीरे-धीरे
स्मृतियों के अंधेरे में छोड़ देता है।

कितनी ही कहानियाँ थीं,
जो शायद लिखी जा सकती थीं,
कितने ही कल थे
जो किसी और दिशा में खिल सकते थे।

पर समय पीछे मुड़कर नहीं चलता,
वह चुनी हुई राह पर ही बहता है,
और जो संभावनाएँ कभी पास थीं,
वे धीरे-धीरे
“काश” बनकर रह जाती हैं।

शायद यही जीवन है—
कुछ पाया हुआ, कुछ खोया हुआ,
कुछ सामने खड़ा भविष्य,
और कुछ ओझल होती
अनंत संभावनाओं की स्मृतियाँ…

✍️के.भारद्वाज

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: