मोती लाल साहु 28 Jun 2023 शायरी अन्य #व़क्त ने मुक़ाम- सजाने की यात्रा दी, ज़िंदगी और साजो-सामान दिया #बंदा मकान वहां बनाया-जो उसका मुक़ाम नहीं था। 26211 0 Hindi :: हिंदी
व़क्त ने मुक़ाम- सजाने की यात्रा दी, ज़िंदगी और साजो-सामान दिया,, बंदा मकान वहां- बनाया जो उसका मुक़ाम नहीं था..!! -मोती