Shiwani vishwakarma 30 Mar 2023 शायरी अन्य जिंदगी 49952 0 Hindi :: हिंदी
"उलझनों की भीड़ में लापता है जिंदगी,
सुबह से शाम तक खफा है जिंदगी,
क्या चाहती तू मुझसे ,
या क्या मैं चाहूं तुझसे ,
लौट आ एक हीं बार,
न आना है यहाँ बार-बार।"
Sivi_vish