Phool Jahan 30 Mar 2023 शायरी प्यार-महोब्बत 63067 0 Hindi :: हिंदी
खोखले हो गये शहर सारे अब समंदर भी शहर लगता है जिसकों देखा नज़र उठाके मैने मुझको वो ही बेघर लगता है धर्म का चश्मा पहनकर उसने कत्ल कर डाले मेरे अरमा सारे बे जुवा कहे हम क्या मुझको तो हर सितम एक सफर लगता है