Ranjana sharma 09 Aug 2023 शायरी अन्य नादानी# Google# 35459 0 Hindi :: हिंदी
मेरी नादानी को नासमझी मत समझ
प्यार करती हूं तुझसे
इसलिए हर बार तेरे बातों
में आ जाती हूं
मेरी बेकूफी को कमजोरी मत समझ
क्योंकि अगर मैं जिद्द में आ गई
तो उस दिन तू तरसेगा
मुझसे बात करने को भी
मैं कोई खिलौना नहीं
इसलिए मुझे कांच की गुड़िया मत समझ
धन्यवाद