Phool Jahan 06 Nov 2024 शायरी दुःखद 29247 1 5 Hindi :: हिंदी
मां की ममता को भी अखबार समझते होंगे, मां के हंसने को भी बेकार समझते होंगे। नौ माह जिसने अपने सीकम में रखा था तुझे, मां का होना भी अपराध समझते होंगे ।।
1 year ago
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