Arjun yadav dikoli 10 Nov 2025 शायरी प्यार-महोब्बत कहानी/गजल/साहित्य/ लेखन/ आत्मकथा/जीवनी/पत्रलेखन 12493 0 Hindi :: हिंदी
कितनी दफ़ा सोचा था तुमसे अब बात न करेंगे, पर आज मिले तो फिर वही जज़्बात जाग उठे। कितनी देर तक देखा तुम्हें बस खामोशी से, तुम मुस्कुराए भी तो लगा जैसे सालों बाद मिले। ×××××××========×××××××××