MD SHAYEED ALAM 28 Nov 2025 शायरी समाजिक जिंदगी से दो दो हाथ करते शायरी 6818 0 Hindi :: हिंदी
अभी हारा नहीं हूं जिंदगी मैं, बस थोड़ा थक गया हूं। अभी चलना छोड़ा नहीं मैंने, बस थोड़ा रुक गया हूं। ऐ जिंदगी तू भी थोड़ा सांस ले ले, थक गई होगी तू भी मुझसे लड़ते-लड़ते। घबरा नहीं फिर खड़ा मिलूंगा मैं तेरी राहों में, फिर तुझसे यूं ही दो दो हाथ करते।।