Kalindri pal 30 Mar 2023 शायरी समाजिक 30356 0 Hindi :: हिंदी
जालिमो की दुनिया में,
इंसान भी जालिम हुए।
इस दुनिया में घमंडी शराबी,
इंसान भी जालिम हुए।
यह दुनिया कितनी जालिम है,
यहाँ राज छुपाना पडता है ।
दिल में चाहे जितने गम हों,
फिर भी मुस्कुराना पडता है ।
😪😥
I am kalindri pal *betul*. I am from village and post nighuwamau block Machhrehata district Sitapur...