हरवंश हृदय 12 Feb 2025 शायरी समाजिक #हरवंश हृदय #हमको न छेड़िए #व्यंग्य #महाकुंभ 36217 0 Hindi :: हिंदी
हमको न छेड़िए… न कोई बात पूछिए
न दिन की रोशनी, न काली रात पूछिए
क्या ही बयां करेंगी मुफलिसी ये महफिलें
हकीकत को जानना है तो हालात पूछिए
🖋️… हरवंश हृदय