Neetesh Shakya 30 Mar 2023 शायरी प्यार-महोब्बत #Love #gazal #mohabbat #shayari #nitesh #shakya 53635 1 5 Hindi :: हिंदी
यूं तो राह में हर कोई मिलते हैं। कोई अच्छे कोई बुरे निकलते हैं। किससे कहूं दिल की बात। जो निकलते हैं दिलजले निकलते हैं। मुझे जख्म देने की आदत नहीं। उसके जख्मों के पीछे मेरी शरारत नहीं।किसने दिए जख्म महबूब को। मुझे तो उसे छूने की इजाजत नहीं। मेरे लिए वह फूल का हार लेकर आए थे।खुशियों के पलों पर अपने घर सजाए थे। हमने पूछा खुशियों के पलों पर इतनी देर क्यों हुई। मुस्कुरा कर बोले हम अपना शादी का कार्ड देने आए थे। मेरी शरारत उन्हें अच्छी ना लगी। जब की हकीकत बयां वह सच्ची न लगी।रब से दुआ की उसे पाने की। मेरी अरदास रब को अच्छी न लगी। लेकर हम दूसरों की हंसी क्या करें। जो अपनी नहीं वह खुशी क्या करें। तन्हा जीने से बेहतर है कि मर जाएं हम।जब जिंदगी में आप नहीं तो जिंदगी जी कर क्या करें।। Neetesh Shakya Mainpuri U.P
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