मोती लाल साहु 30 Sep 2023 शायरी अन्य आख़िरत 27325 0 Hindi :: हिंदी
मेरी यह भूल- कि मैं रहूंगा बरकरार, बरकरार जग- ना कोई जीव बरकरार,, सोचा था- सजेगी बारात दूल्हा बनूंगा, पर आख़िरत- की सजेगी ए-डोली सबकी....!!!! -मोती
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