Niharika Senapoti 23 Nov 2025 कविताएँ अन्य ज़ंजीर 11004 0 Hindi :: हिंदी
आज जनता ने ज़ंजीर पहनी है मन में रखना यह बात एक दिन राजा भी पहनेगा, यह होगा नियति का आघात। जनता की करुण पुकार सुनो माँ की छाती का रुदन सुनो, हे राजन, क्या तुम सुन रहे हो? ज़रा ध्यान से सुनो।