MUKESH KUMAR DHODHAWAT 16 Aug 2025 कविताएँ अन्य मेरे अनुभव पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है 18441 0 Hindi :: हिंदी
अनुभव मेरे पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है थोड़ा अजनबी और उलझन भरा लगता हैं हर व्यक्ति मुझे मतलबी लगता हैं मैं अनजाना ही सही पर इंसानियत रखता हूं ढूंढ कर अपने पुराने रिश्ते कायम रखता हूं अकेला रहा नहीं कभी में अपने मित्र ढूंढता हूं मेरे ख्वाब में तो मित्र भी नया लगता है मेरे अनुभव पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है अपनी जगह बना लेना मुझे अच्छा लगता है नई चाय काफी की दुकान पर बैठना अच्छा लगता है उलझनो का हल निकालना अच्छा लगता है सुलजाए मैने कई मसौदे पर ये मसला भी नया लगता है मेरे अनुभव पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है शुरुआत में हर गली हर मोड नया लगता हैं में रास्ता भटक जाऊ ये आम लगता हैं भाषा और लहज़े का फर्क नया लगता है नये दोस्तों में मजाक का भी झिझक लगता हैं मेरी भूख पुरानी है तो क्या ये खाना पीना नया लगता है मेरे अनुभव पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है रहन सहन और माहौल सब ठीक कर दूंगा में अपनी उलझने को अकेला ठीक कर दूंगा ये अपना लगने लगेगा एक दिन में यह साबित कर दूंगा ऐसा नहीं हो कि फिर से कोई शहर नया लगे इस बात से डर लगता है मेरे अनुभव पुराने हैं तो क्या ये शहर मेरे लिए नया लगता है मुकेश कुमार धोधावत 7726075950