Ujjwal Kumar 16 Jul 2024 कविताएँ समाजिक मां बाप को मत भूलो, नई कविता उज्ज्वल की कलम से 69662 0 Hindi :: हिंदी
मां बाप को मत भूलो, ये दिल की गहराई से कहो, उनकी दुलार और प्यार को, हर पल उनको याद रखो। उनकी ममता अनमोल है, उनका स्नेह अमर है, जीवन के हर मोड़ पर, हर वक्त उनके साथ चलो। जब तुम्हें लगे अकेलापन, उनकी बाहों में ढूंढो आश्रय, उनके संग हर ग़म को, मिले साथी बनकर आज़ादी। मां बाप को मत भूलो, उनकी महिमा को गाओ , उनके प्यार में बसकर, खुशियों के गीत गाओ। ✍️ रचनाकार-उज्ज्वल कुमार