Jyoti yadav 07 Aug 2024 कविताएँ अन्य तेरे चेहरे का नुर मेरा गुरूर है मां 45020 0 Hindi :: हिंदी
मेरी मासूम मुस्कान
उनके चेहरे की नुर है
मेरी खुशी
उनकी कोहिनूर है,
उन से उनका नूर कैसे चुरा लू ।।।।।।
वो मां हैं मेरी उनके लिए तो
मै हर जनम मुस्कुरा लू।।।।।।
मुझ से ज्यादा
मेरी फिकर करती है
अपने हर दुआओ मे
मेरा जिकर करती है। ।।।।।
कुछ नही मांगा उन्होने
अपने लिए कभी रब से ।
देखा है मैने उन्हे जब से।।।
उनके नयनो से उनके आसू चुरा लू
वो मां है मेरी उनके लिए
तो मै हर जनम मुस्कुरा लू।।।।।
अपने हर दर्द को
मैं खुद से भी छुपा लेती हूं
अश्को को अपने मन मे ही दफना लेती हूं
तेरे चेहरे का नूर, मेरा गुरूर है मां
इसलिए हर बार मुसकुरा लेती हूं🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔
ज्योति यादव के कलम 💯 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏❤️❤️❤️❤️❤️❤️