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वो बचपन की यादें-पापा के कंधे पर बैठ रामलीला देख कर आते थे

Madhur garg 13 Jun 2023 कविताएँ अन्य अनमोल पल 30897 1 5 Hindi :: हिंदी

बचपन
.........एक जमाना था 
जब हम भी बच्चो की श्रेणी में आते थे
मां बेशक उठाती रहे
हम चादर तान फिर सो जाते थे
जब स्कूल से छुट्टी चाइए होती थी
पेट में बहुत तेज दर्द हो जाते थे
टिफिन में रोटी के टुकड़े देख
हस्ते हस्ते खा जाते थे
घर पर आते ही हम
बैग रख फुर्र हो जाते थे
ट्यूशन में जाकर हर रोज
एक नई फिल्म देख आते थे
...........वो जमाना हमारा था 
जब हम भी बच्चो की श्रेणी में आते थे ।1।
बारिश के दिनों में 
कागज की कश्तियां बहाते थे
नानी के जाकर बाजार से
बादाम वाला दूध पीकर आते थे
टूटता तारा देख
कुछ मांगने को दौड़ जाते थे
पापा के कंधे पर बैठ
रामलीला देख कर आते थे
एक चीज के चक्कर में
भाई बहन लड़ जाते थे
.......ये बचपन की यादें है
जब हम भी बच्चो की श्रेणी में आते थे।2।

Comments & Reviews

VIVEK KUMAR PANDEY
VIVEK KUMAR PANDEY मुझ अज्ञानी की आह सुन.......... asahmat ..itni choti si umr aur itna sundar sahitya srijan..aap gyan ke sagar ho

2 years ago

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