संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक लोगों के लिए प्रेरणा से भरपूर मेरी कविता जिसका शीर्षक ऊपर दिया हुआ है। 44811 0 Hindi :: हिंदी
विवाह का आनन्द ही अद्भुत है, जिंदगी जीने का मज़ा आ जाती है। पति_पत्नी के रिश्ते में बंध जाते हैं, एक नया परिवार का शुरुआत होता है। बगिया जैसा सुरभित होती है, आनंदों में फिर जीवन बितते हैं। कुछ जिम्मेदारी बढ़ जाता है, कर्तव्य को फिर निभाना पड़ता है। कर्तव्य निभाने के लिए कमाना पड़ता है, पैसे कमा कर घर लाना पड़ता है। सब कुछ अच्छे से ख्याल रखना पड़ता है, तब जाकर गाड़ी सही से दौड़ती है। धीरे_धीरे संसार बढ़ने लगता है, दो से चार हम हो जाते हैं। बच्चों के परवरिश का भी, तब ख्याल रखना पड़ता है। ऐसे ही सतत जीवन बितते हैं, कभी दुःख तो कभी सु:ख में। सिलसिला यह चलता रहता है, मनुज जन्म सुगन्धित होती रहती है। संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....