अंजली कुमारी 21 May 2024 कविताएँ धार्मिक विद्या की देवी 30219 0 Hindi :: हिंदी
गुरुओं से मिलता विद्या का वरदान, शिष्यों को होता है इतना अभिमान। मां सरस्वती के करते सब गुणगान, हम बच्चे हैं उनके संतान। उनको करते सब प्रणाम, वे है विद्या की भगवान। वीणापाणि है उनका उपनाम, हम बच्चे हैं उनके नादान। जो है विद्या से अनजान, वे न बनते कभी महान। मां तो है कमल पर विराजमान, हम बच्चे हैं उनके नौजवान। करते हैं जो विद्या का सम्मान, कहलाते हैं वे बड़े बुद्धिमान। मां देती है सबको उनके कर्मों का परिणाम, हम बच्चे हैं उनके लिए एक समान। गुरु जब करते विद्या का प्रदान, लेते तब तक नहीं विराम। जब तक न हो नए देश का निर्माण, हम बच्चे हैं उनके कर्मवान।।