Alok ks 18 Aug 2025 कविताएँ देश-प्रेम War, india love, sword war, army, देश भक्ति, कविता, युद्ध, वंशज, वीरों का वंशज, operation sindoor, ऑपरेशन सिंदूर 22295 4 5 Hindi :: हिंदी
वीरों का वंशज है आर्यावर्त की भूमि, युद्ध का आगाज़ है तो लड़ना स्वीकार है। अमन न हो गर तुम्हें तो हम क्या भीरू हैं, उठा असि चला देखें कौन किस पर भारी है। भारत की अस्मत पर मेरी जान निछावर है, लागी गोली छाती पर तो लहू लौ की चिंगारी है। मत छेड़ो स्वर बुद्ध का, अशोका कृपाण त्यागा है, प्रताप गए तो क्या हुआ छत्रपति अभी बाकी हैं। भारत के कण कण में वीरता का रस छलकता है, जब उठाए कमान तो जय जय हिंद बोलता है। रणभूमि में उतर आए तो लौट कर कौन जाता है, आ मार गोली वक्ष पर हिन्दुस्तान का सेना कहता है। कायर का पहचान नहीं दुर्लभ पे एहसान नहीं, तू मैदान छोड़ कर भागेगा तू मर्द का संतान नहीं। जो देखा है आंखों से तुमने प्रहार का हर कण है, अभी वो देखना बाकी है जो कभी नहीं देखा है। -आलोक के.एस लिखित तिथि 05/23/2025 ऑन ऑपरेशन सिंदूर पुस्तक आने वाला है।