Raj Ashok 13 May 2023 कविताएँ अन्य पंख 44705 0 Hindi :: हिंदी
उन मोतीयों की भी मालाऐ बना दों ।
जो यूहीं बेकार मे बिखरे है।
जमीन पर
इतना है। हुँनर तुम मे, अपनी मेहनत
से इस बंजर पे, फूल खिला दो ।
नन्ही कलियों का
आज तुम सौभाग्य जगा दों ।
उ़डने़ के ख्वाब है। चीट्टीयों के भी
थोडे़ पख लगा दो।
आसमान को कुछ रंगीन बना दो ।
बेरोजगार इन हाथों मे। लगे हाथ
थोड़ा काम थमा दों।
लगे ना जीवन
नीरस एक ऊमीद बन्घा दो ।
उठो। चलो
एक काँरवा से , बदले गी तकदीरे
हजारों की ,अपने हौसले के दम से
कमजोरों का होसला भी बढा़ दो
दो दिल पे चोट, जाग जाऐ हर वोट