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‘‘तुम भूल न! जाना 26 मुझे’’

Jeevan kumar 31 Dec 2025 कविताएँ दुःखद वर्ष 2025 द्वारा 2026 को कही कुछ पंक्तियां। 8280 0 Hindi :: हिंदी

कहता पच्चीस - छब्बीस से,
तुम भूल न जाना दोस्त मुझे,
मुझसे किए वादे लोगो ने,
प्रेम,प्यार भाईचारे से।

में आया एक दिन! खुशी उल्लास लिए,
जाऊंगा दुःख का प्याला पिए,
अरे! नए वर्ष की खुशी,कल आ रही है,
तुम भूल गए भाई, गिरगिट न दिखा कही है।

रंग बदलना भूल गया वो,
बहुरूपी लोगों से दूर गया वो,
इंसान-इंसान से कतराते है,
और नया वर्ष मनाते है।

मुझमें भी था एक दिन इनका,
जन्म-मरण, शादियों का दिन,
सहसा! भूल गए मुझे वो,
इंसान की इंसानियत है।

अंतिम दिन को याद किया,
‘जीवन’ से मुझको भुला दिया,
खुशियां आगे की मानते रहो,
नए-नए वर्ष मनाते रहो।

तुम भूल न जाना 26 मुझे,
तुम भूल न जाना 26 मुझे,
कहता अलविदा 25 तुम्हे,
कहता अलविदा 25 तुम्हे।

                      लेखक:- जीवन कुमार

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