Poonam Mishra 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत न जाने कब जिंदगी की शाम हो जाए 54387 0 Hindi :: हिंदी
मुझे आप पर भरोसा है बहुत पर डर है कि यह हवा आपको भी ना अपने साथ अपने रंग में रंग ले जाए उम्मीद करते हैं यह कि कभी आपसे भी हमारी बात हो जाए न जाने चलते-चलते जिंदगी के सफर में कब हमारी जिंदगी की शाम हो जाए स्वरचित लेखिका पूनम