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स्वगॆ सी प्यार

Suraj pandit 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य My mother 68593 0 Hindi :: हिंदी

न मिला वह कंधा,
बैठ दुनिया देखने की।
न वह अंगुली,
पकड़ गलियां घुमने की।
न मिला स्नेह उसका
गलतियों में राह दिखाने की ।
कह गए बिच राह,
छोड़ अंगुलियां घुमने की ।
कंधा वह न मिला,
मिली ममता से भरी प्यार ।
हर पल सवारी मुझको,
अंगुली पकड़ कर चलना सिखाई,
हर राह की पहचान करने,
स्नेह की राह दिखाई मुझको।
हर वह जरुरत को दिल से लगाई ,
दुनिया मेरी मुठ्ठी मे यह बात बताई मुझको।
नेक वह रास्ता, नेक बनने की,
हर पल सिखाती, दुनिया में प्रकाश देना सबको।
न मिला कंधा, मिली वह स्वर्ग सी प्यार।
दुख की नाव में बैठ
कमल मे पाला मुझको।
नमन है मेरी माँ को,
जिसने काबिल बनाया मुझको ।
                                 ----सूरज पंडित

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