मोती लाल साहु 06 May 2023 कविताएँ अन्य स्वयं को स्वयं से मिला दे, सांसारिक बोझ के तले सूझे ना कोई ठौर-ठिकाना। सद्गुरु वाणी में भेद पूरा- चरणों में बैकुंठ पड़ा, पावन श्वास से भरा संदेश सो जान सद्गुरु पूरा। 25388 0 Hindi :: हिंदी
कंधों में- बोझा बड़ा ज़िम्मेदारियों की बेड़ियां पड़ी पावों में तूफ़ानों से- घिरा मार्ग नयना ना सुझे किस ठौर-ठिकाना,, सद्गुरु- वाणी में भेद पूरा चरणों में बैकुंठ पड़ा पावन श्वास- से भरा-संदेश स्वयं को स्वयं से मिला दे सो जान सद्गुरु पूरा..!! -मोती