akhilesh Shrivastava 30 Mar 2023 कविताएँ हास्य-व्यंग शादी करने के बाद पति की क्या स्थिति होती है इस दौर से सभी को गुजरना पड़ता है परन्तु कोई भी हिम्मत नहीं कर पाता कि अपनी बीती सुनाएं 59505 0 Hindi :: हिंदी
*पति की व्यथा* सुन लो पति की व्यथा को मुझसे मेरे यार सोच समझकर करना तुम शादी मेरे यार ।। शादी करने के लिए सभी रहें तैयार इसके दो दो स्वाद हैं खट्टा मीठा यार ।। पत्नी अच्छी मिल गई सुखी है घर संसार पत्नी मिल गई तेज तो जीवन बंटाढार ।। जब से पत्नी आईं है हो गया में लाचार चिरंजीव से हो गया मैं तो चीं चीं यार।। सात फेरे में घिर गया अपना घर संसार दिनचर्या फिर शुरू हुई पत्नी के अनुसार।। चाय नाश्ता वही करें जो पत्नी दे यार होटल का अब नाश्ता हुआ मुझे दुश्वार।। बड़े प्यार से पूछती खाना क्या बनाएं घर में खाना बने वहीं जो उसके मन भाये।। काम वही करना पड़े जो पत्नी मुझे बताये 'न' नुकर यदि करूं तो आंखें मुझे दिखाए।। झाड़ू पोंछा के लिए बाई लगी है यार सुबह शाम का खाना भी बाई करे तैयार।। घर ग्रहस्थी के चक्कर में बुरा फंस गया यार राशन सब्जी तेल में दिन कट जाता यार।। बात बात में झिड़कियां सुनता हूं मैं यार अब! स्वतंत्र जीना हुआ दिवास्वप्न मेरे यार।। आधी तनख्वाह से मेरी करे साज श्रृंगार बाकी आधी से मैं पाल रहा परिवार।। घर का सब सामान हो मंहगा और शानदार मोबाइल पर बात करे दिन भर पत्नी यार।। कमा कमा कर थक गया पैसे की बहे बयार पत्नी जी के सामने हुआ सरेंडर यार।। दोस्तों से मिलना मेरा दूभर हो गया यार मस्ती के वो भले दिन भूल गये हम यार।। सभी पति इस व्यथा से घिरे हुए हैं यार कोई हिम्मत से बोलता कोई चुप्पी साधे यार।। रचयिता -अखिलेश श्रीवास्तव एडवोकेट जबलपुर
I am Advocate at jabalpur Madhaya Pradesh. I am interested in sahity and culture and also writing k...