आकाश अगम 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #शिक्षा #education #शिक्षा की बेल्ट #belt of education #आकाश अगम #Akash Agam 78573 0 Hindi :: हिंदी
मैं पेंट को साधे हुए इक बेल्ट हूँ मेरी वज़ह से है रुका ये पेंट मेरी वज़ह से व्यक्ति कोई पहन पाता है कोई भी पेंट टूट जाऊँ मैं अगर , गिर जायगा मिल जायगी धूल में इज्ज़त मुझमें कई हैं छिद्र जो तय करें स्तर मैं पेंट को साधे हुए इक बेल्ट हूँ। ( जैसे पेंट को साधने के लिए बेल्ट प्रयोग में आती है वैसे ही सम्मान , आत्मविश्वास , आत्मशक्ति को साधने के लिए शिक्षा प्रयोग में आती है। बेल्ट के प्रयोग से कोई व्यक्ति किसी भी पेंट को पहन सकता है । ठीक उसी प्रकार शिक्षा की वज़ह से कोई व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में सम्मान , सफलता की प्राप्ति कर सकता है। जैसे कोई व्यक्ति किसी दूसरे के पेंट को बेल्ट की सहायता से पहनें तो आवश्यक नहीं कि वह सुंदर दिखे लेकिन पेंट रुका रहेगा । शिक्षा के कारण कोई व्यक्ति हर क्षेत्र में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है किंतु आवश्यक नहीं कि समान हो। )