Ujjwal Kumar 06 Aug 2024 कविताएँ धार्मिक 24175 0 Hindi :: हिंदी
सावन का पावन महीना आया, हरियाली की चादर से धरा सजाया। नीला आकाश, हरित हरियाली, मंगलमय है हर दिशा की बाली। कृष्ण रंग के बादल छाए, बूंदों की माला हर बूँद में समाए। शिव के भव्य स्वरूप की आराधना, सावन की सुबह में हर दिल में छुपी मनभावना। हर सोमवार, शिव का व्रत मानते, पानी, दूध और बेलपत्र अर्पित करते। शिवलिंग पर छिड़कते प्रेम की धाराएँ, ध्वनि गूंजे, भक्ति की प्यारी आवाज़ें। सावन की संगीनी हवा में बहती, संगीत की लहरें हर मन को भुला देती। भक्तिमय गीतों की मधुर छाया, सावन की रातें जैसे स्वर्ग की माया। सावन का यह महीना, धार्मिकता का दीप, आनंदित मन, सजग हृदय, शिव की कृपा की छाप। भक्ति की इस पर्व में, प्रेम की चादर ओढ़े, सावन की हरियाली में, सबके सपने संजोए। ✍️ उज्ज्वल कुमार श्रीवास्तव