Kishor Kumar Bhardwaj 15 Aug 2025 कविताएँ देश-प्रेम स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 9723 0 Hindi :: हिंदी
"स्वतंत्रता का अमर गान" स्वतंत्रता… कोई क्षणिक उत्सव नहीं… ये रणभूमि की अमर कहानी है… शहीदों के रक्त से सींचे सपनों की… भारतवासियों की हर सांसें… उनके बलिदानों की गवाही है… 15 अगस्त का जब अरुणोदय छाया, वीरों ने… सौभाग्य–सूरज उगाया! गगन में लहराया तिरंगा ऐसा, मानो रणभूमि में विजय–ध्वज जैसा! केसरिया… त्याग की ज्योति जले, श्वेत… सत्य–संकल्प सदा पले, हरित… जीवन की मधुर आस, और भारत के मन में… नव विश्वास! और बीचों–बीच है… अशोक चक्र महान! जो धर्म… न्याय… प्रगति का देता प्रमाण! घूमते हुए नीले पहिए की 24 तीलियों में… भारत की अनवरत गति का गान! आओ… आजादी के बलिदानों को हम करें प्रणाम, तिरंगे के हर रंग से सजाएँ अपना जीवन–धाम, राष्ट्र–प्रेम में डूबे रहें हम सुबह और शाम! जय हिंद! वंदे मातरम्! ✍️ के_भारद्वाज