Manju Bala 02 Jul 2023 कविताएँ अन्य सावन आया है री सखी, खुशियों की बौछार,बरस रही हैं बूंदें, नन्हे-मुन्ने तराने गाते, टिमटिमाते हैं बरखा की बूंदेंबादलों की घटाएं, रंगीन उत्साह सहार। छाई है घनी घटाओं में वो धूम मधुर सी, बूंद-बूंद से तरंगों की आवाज सुनती है यह धरा प्यार सी।, बचपन की यादें जगाते। रंगीले छाते संग संगित, मौसम का नाच रहा है, धीरे-धीरे मोह लेती है हमेशा यादगार रातें यह सावन बिता रहा। 32614 4 5 Hindi :: हिंदी
सावन आया है री सखी, खुशियों की बौछार, बादलों की घटाएं, रंगीन उत्साह बहार। छाई है घनी घटाओं में वो धूम मधुर सी, बूंद-बूंद से तरंगों की आवाज सुनती है यह धरा प्यार सी। बरस रही हैं बूंदें, नन्हे-मुन्ने तराने गाते, टिमटिमाते हैं बरखा की बूंदें, बचपन की यादें जगाते। रंगीले बहारों संग मौसम , मौसम नाच रहा है, धीरे-धीरे मोह लेती है यादगार रातें -यह सावन बिता रहा। फूलों की चमक, खुशबु की वादियाँ फैलाते हैं, प्यार की रिमझिम बूंदें सबको बहलाते हैं। रिमझिम सावन की बारिश में जीवन की नयी बहार है, गाती है ये बारिश गीत, हर दिल को इन गीतों से प्यार है। सावन के रंग में रंगी हैं सबकी यादें, मिट्टी की खुशबू में लिपटी हैं खुशियों के बादल। सखी, आया है सावन, खुशियों से भरी यह है बारिश, मन को भाती है यह बारिश,आनंद की फुहार हैबारिश, यह सावन आया है री सखी। सावन आया है री सखी, खुशियों की बौछार, लाया है सखी सावन आया है री सखी।
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I have done M.A in three subjects these are Hindi ,History ,Political science. I have also done M.Ed...