Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

" रविवार वाली धूप और मैं "

Anilkumar Rathwa (Sameer) 17 Feb 2026 कविताएँ अन्य #Google # hindipoem# 6447 0 Hindi :: हिंदी

आज अलार्म को मैंने, ज़ोर से डाँटा है,
सपनों की चादर को, थोड़ा और बाँटा है।
भाड़ में जाए दुनिया, और दुनिया की ये दौड़,
आज मैंने खुद को, 'Do Not Disturb' पे काटा है।

​नहाने का इरादा तो, सुबह से ही नेक है,
पर बिस्तर से हटने का, चांस भी एक-नेक है।
तौलिए को कुर्सी पर, वीरान रहने दो,
आज खयालों के घोड़े, थोड़े हैरान रहने दो।

​चाय का कप है, और हाथों में अखबार,
पर खबरें नहीं पढ़नी, बस देखनी है बहार।
मोबाइल की रिंगटोन, अब दुश्मन सी लगती है,
आज तो 'म्यूट' वाली, शांति ही सजती है।

​दोपहर के खाने में, बस 'मम्मी वाला स्वाद' हो,
काम-काज की बातें, न रत्ती भर याद हों।
एक झपकी ऐसी हो, जो शाम तक खींचे,
जैसे दुनिया चल रही हो, बस हमारी पलकों के नीचे।

​जिंदगी ज़रा 'Slow Motion' में, आज चलनी चाहिए,
ये जो भागदौड़ की बर्फ है, आज पिघलनी चाहिए।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: