Barde Jyoti 17 Apr 2023 कविताएँ बाल-साहित्य रंगो की पंचायत, इस लेख से बच्चों को एक जुट रहने कि शिक्षा मिलती हैं 32942 0 Hindi :: हिंदी
एक बार रंगों का झगड़ा हुआ
कोई भी मानने को तैयार ही नहीं
सभी एक दुसरे से कहते रहे,
मैं हूँ सबसे महान पंचायत लगाई
फिर बैठे सभी बोलने लगा लाल🔴 रंग,
मैं हूँ सबसे ज्यादा महान
गुलाब🌹 ने मुझे चुना है
अपने अंग पर, तो बोलो कौन
है महान, रंगों ने पंचायत लगाई
बिच में फिर काला⚫ रंग बोला
मै हूँ सबसे ज्यादा महान
छोटे बड़े, महान शुर, बड़े बुजुर्ग
सभी लोगों के काले होते हैं बाल🧒🧒
तो बोलो कौन है महान रंगों ने
पंचायत लगाई
हरे💚 रंग ने भी मुह मोड़ के
बोला मै भी कहॉं कमी हूँ
निसर्ग, पेड़🌲, ☘️पौधे,
सभी ने तो
मेरी ही हरी ओढी हैं चादर
तो बोलो कौन है महान,
रंगों ने पंचायत लगाई
तभी पिले💛 रंग को भी घुस्सा आया
और बोलने लगा मेरा भी रंग कोई
कमी नहीं है, हल्दी🍠में भी तो मैं
बहोत खुब सजाता दुल्हन बनी
गोरी गोमटी तो उसे भी मै ही भाता हुं
हल्दी🍠, से पुरी करता रसम तो बोलो
कौन है महान, रंगों ने पंचायत लगाई
तभी सफेद ⚪वकिल साहब
ने बोला, अरे भाई झगड़े मत
करो, सभी के सवालों का
जवाब देंगे हमारे नीले🔵
जज साहब,
तभी जज साहब ने सभी को
बोला अरे झगड़े मत करो तुम
कोई भी अलग नहीं हो, तुम सभी
बहुत अच्छे और महान हो, और
तुम सभी एक दूसरे के काम में हात
बटाते हों
सभी रंगों ने चौक कर कहा
वो कैसे भला, फिर जज
साहब बोले,, "मुझे बताओ
आसमान में जो बन जाता है
इंद्रधनुष🌈 उसमें है कौन
कौन भला सभी ने कहा
मैं भी हुं, मैं भी हुं, मैं भी हु समझ में आया सबकुछ तो
गाने लगे सभी रंग🎨 ना कोई
छोटा है, ना कोई बड़ा न महान
सभी का काम तो, ऐक जैसा होता है