DINESH KUMAR KEER 08 May 2023 कविताएँ धार्मिक 30098 0 Hindi :: हिंदी
राधा की दिवाना उसे कुछ नही चाहिए था अपनों से उसे बस थोड़े प्यार की तमन्ना थी कल की खुशी नहीं थी ख्वाइश उसकी उसे बस अपने आज की तमन्ना थी आस लगाए देखती थी आसमां को वो उसे बस अपने चांद की तमन्ना थी हमेशा दुःख मिला हिस्से में आए आंसू उसके बशर्ते उसको अनुराग की तमन्ना"राधा का दीवाना" बशर्ते उसको अनुराग की तमन्ना थी दिनेश "राधा की दीवाना"