संदीप कुमार सिंह 14 Jul 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 40098 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) फूलों सी है वह खिले,सौखियां उसमें खूब। मोहक उसकी है अदा,प्यारी है महबूब। रम्य परिधान लाल में, दिखे परी सी सौम्य_ अंकित करती नाम वह, चमके जैसे दूब। संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....