संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक लोगों के लिए प्रेरणा से भरपूर मेरी कविता जिसका शीर्षक ऊपर दिया हुआ है। पर 80523 0 Hindi :: हिंदी
पर मैं रुकता नहीं
पर मैं झुकता नहीं,
पर मैं रुकता नहीं
पर मैं झुकता नहीं।
आनन्दों के साथ,
दुनिया के भीड़ में,
सरलता से निकलता रहा
_सरलता से निकलता रहा।
चिंटू भैया
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....