मोती लाल साहु 02 Sep 2023 कविताएँ अन्य गुरुज्ञान, पंच महाभूत, काल, यम, मन,जीव, निज तत्व, अमरलोक 31208 0 Hindi :: हिंदी
पंचतत्व बना ये देह, ता बोले एक हंस। पंचबली ए-महाभूत, जब फेरेगा काल।। टूटेगा बसेरा ए-मन, ता बोले एक हंस। साथ यम के चले ए-मन, ए-पिंजरा तब ख़ाक।। पंचतत्व अंदर ए-जीव, ता बोले एक हंस। गुरुज्ञान पढ़ा निजतत्व, चल अमर लोक ए-मन।। आओ करें ज्ञान की बातें....!!!! -मोती