Chanchal chauhan 08 Mar 2026 कविताएँ अन्य नारी के जीवन में संघर्ष और त्याग 8148 0 Hindi :: हिंदी
नारी के रूप अनेक है, हर रुप में भूमिका निभाती है नारी, कभी बेटी कभी बहू कभी मां का बनती है नारी, हर रिश्ते को दिल से निभाती है नारी, उठाती है जिम्मेदारी का बोझ, सबसे पहले उठती है, सबसे बाद में सोती है नारी, सब करती है काम, सबको खिलाकर खाती है नारी, अपनी संतान को जग में लाने के लिए, दूसरा जन्म लेती है नारी, उठाती है सब पीड़ा, खूद भूखी रहती, पहले सबको खिलाती है नारी, नारी का जीवन ममता, त्याग का, ना जाने कितने संघर्ष करती है नारी।
Mera sapna tha apne bicharo ko logo tak phunchana unko jiwn ki sikh ,prerna dena unmai insaniyat jag...