Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

नखरे हसीनों के।

शरद भूषण मोंगरा 07 May 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत नखरे हसीनों के। 3223 0 Hindi :: हिंदी

"नखरे हसीनों के" 



जिधर चलते हैं ये नखरे ये नखरे बढ़  के होते हैं
हँसीनो की तो नाकों पर, ये नखरे अड़ के होते हैं।
ये गुस्से की निसानी है, हसीनों  की कहानी है।
कहा की जेब में पैसे, अभी कितने भी नहीं हैं।
तभी नखरे से वो बोली, तुम्हें परवाह ही नहीं है।
रोटी तो नहीं है, पर कहती है, पोडर तो लगा लूं।
अभी मै देख सवंर लूं,  ज़रा  लाली तो लगा लूं।
अरे घर में नहीं खाना, तेरा क्या रूप निखरा है।
लेकिन तेरे निखरे से चेहरे को।  तेरे नखरे ने घेरा है।
इन्ही को लेकर मिया ओं के हमेशा लफड़े होते हैं।
जिधर चलते हैं  ये नखरे ......

शरद भूषण मोंगरा 
कवि गीतकार लेखक

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: