Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

नासमझ

Amit Kumar Ranjan 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 108742 0 Hindi :: हिंदी

            नासमझी
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐


आहों से पत्थर पिघलेगा इस धोखे में मत रहना,

बिना लड़े इन्साफ मिलेगा, इस धोखे में मत रहना।

भारत के ज़र्रे ज़र्रे में, अपना अपना हिस्सा है, 

बुला बुला कर कोई देगा, इस धोखे में मत रहना।

भाग्य और भगवान तो प्यारे, केवल एक छलावा है, 

ईश्वर ही कल्याण करेगा, इस धोखे में मत रहना।

कहा किसी ने तेरे हाथों में, धन दौलत की रेखा है, 

छप्पर फाड़कर धन बरसेगा, इस धोखे में मत रहना।

शिक्षित और संगठित होकर,खुद पर तुम विश्वास करो।

और कोई संघर्ष करेगा, इस धोखे में मत रहना।

 संविधान की रक्षा करना, सब की जिम्मेदारी है,

कोई और बेड़ा पार करेगा, इस धोखे में मत रहना।

बिना लड़े इन्साफ मिलेगा, इस धोखे में मत रहना,

फिर अंबेडकर पैदा होंगे, इस धोखे में मत रहना।

*जय मंडल जय सविधान जय भारत*

             कलम से- 
                           अमित रंजन

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: