Vipin Bansal 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक #मनमोहक 71732 0 Hindi :: हिंदी
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
ओ छलिये तू छलने वाला !
छल का तेरे जग मतवाला !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
प्रेम किसी का नहीं ठुकराया !
प्रेम का तून्हे अर्थ बताया !!
प्रेम को सबके तून्हे अपनाया !
प्रेम से ही तू बंधता आया !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
पी गई मीरा विष का प्याला !
विष को भी अमृत कर डाला !!
भरी सभा में तुझको पुकारा !
चीर बड़ाकर दिया सहारा !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
प्रेम की बांधी ऐसी डोर !
तज दिए तून्हे तीनो लोक !!
यारी की दी है परिभाषा !
सुदामा की न तोड़ी आशा !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
देवकी नंदन यशोदा का लाला !
जेल में जन्मा यशोदा ने पाला !!
प्रेम में अपने गोकुल रंग डाला !
माखन चोर नंद का लाला !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
बंसी बजाई गइया चराई !
मटकी फोड़ माखन खाई !!
मईया को फिर दिया उलाहना !
माँ को भी तू छलने वाला !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
मोर मुकुट तेरे सर पे विराजे !
धुन पर बंसी की सृष्टि नाचे !!
गोपियों के मन को है भाया !
राधा संग रास रचाया !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
मेरी सांसो में तू ही रम जाए !
नयनों में मेरे तू ही बस जाए !!
कान्हा तेरी जब बंसी बाजे !
मन मयूर मेरा उस पर नाचे !!
मन मोहक तेरा रूप निराला !
मन को सबके मोहने वाला !!
विपिन बसल